भोपाल, 27 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद महाराजा शंकर शाह एवं उनके सुपुत्र कुंवर रघुनाथ शाह जी का 169वां बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को वीर शहीदों के इतिहास, उनके संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके बलिदान से परिचित कराना तथा समाज में देशभक्ति, एकता और त्याग की भावना को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जय कुमार वरकड़े जी ने की। उपाध्यक्ष बंटी धुर्वे जी, संयोजक ललित महेश्वरी जी, प्रभारी संतोष पोरते जी सहित गौतम तेकाम जी, अजय परते जी, रवि उईके जी (मंडीदीप), अजय राकेश आयाम जी (सागर), विक्रम परते जी (होशंगाबाद) एवं मोहन लाल पन्द्राम जी सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महाराजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनके त्याग और शौर्य की गाथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राजधानी भोपाल में इस प्रकार के आयोजन से युवाओं और आम नागरिकों में देशभक्ति, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित की भावना को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पूर्व सांसद अजय प्रताप सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी एवं अंतरराष्ट्रीय गोंडी चित्रकार आनंद श्याम जी, एन.आर. भूआरे जी, रामसिंह काकोड़िया जी (कोयतोड़ गोंडवाना महासभा संगठन), दुर्गावती उइके जी (अखिल गोंडवाना महासभा महिला प्रभाग प्रदेश अध्यक्ष), कांता उइके जी, राहुल मारण जी, प्रभाकर उइके जी (अखिल गोंडवाना महासभा प्रदेश अध्यक्ष), मोहन ओझा जी (प्रदेश अध्यक्ष, ओझा समाज संगठन) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर संजू वाडीवा जी, गीतकार, गायक एवं संगीतकार तथा गोंडी भाषा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष, गोंड समाज महासभा मध्य प्रदेश द्वारा महाराजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी के शौर्य और बलिदान पर आधारित वीरगाथा गीत प्रस्तुत किए गए। वीरगाथा गीतों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव का वातावरण निर्मित किया।
कार्यक्रम के दौरान सगा जनों की उपस्थिति में सतरंगी झंडा स्थापित किया गया। साथ ही चुना भट्टी चौराहा, भोपाल में अमर शहीद महाराजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा स्थापित किए जाने के संबंध में सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखने का निर्णय लिया गया। समाजजनों ने इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन किया।
कार्यक्रम के अंत में अमर शहीद महाराजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित समाजजनों ने संकल्प लिया कि स्वतंत्रता, अखंडता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के लिए शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा।