सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की तैयारियां मध्यप्रदेश में तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना, संस्कृति और वैश्विक आस्था का बड़ा पर्व है। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां जरूरी हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड के पदाधिकारियों, मास्टर ट्रेनर्स और गाइड्स के साथ आयोजित विशेष संगोष्ठी में सिंहस्थ सेवा कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन, सेवा और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वयंसेवकों को पहले से बेहतर प्रशिक्षण देना होगा।
भोपाल में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भारत स्काउट एंड गाइड के मास्टर ट्रेनर्स, सेवादूतों और स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण के लिए भोपाल में आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। जब तक यह केंद्र तैयार नहीं हो जाता, तब तक आवश्यकता के अनुसार सांदीपनि विद्यालय के भवन और परिसर का उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सेवा भारत स्काउट एंड गाइड का मूल मंत्र है और ‘तैयार रहो’ उसका ध्येय वाक्य है। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में इसी भावना के साथ स्वयंसेवकों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
सिंहस्थ में 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं का अनुमान
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ 2028 में करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होगा।सिंहस्थ-2016 में करीब 7,500 स्काउट एवं गाइड ने 10 कैंपों के माध्यम से सेवाएं दी थीं। इस बार यह जिम्मेदारी और बड़े स्तर पर निभाने की तैयारी है। सिंहस्थ 2028 में 15 हजार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से ज्यादा कैंपों के माध्यम से सेवा कार्यों में लगाए जाएंगे।
हर जिले से युवाओं को बनाया जाएगा सेवादूत
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से 100 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के प्रत्येक जिले से 500 युवाओं और उज्जैन संभाग के जिलों से एक-एक हजार युवाओं को सेवादूत के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना है।इन स्वयंसेवकों को भीड़ प्रबंधन, सेवा कार्य, आपदा प्रबंधन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया जाएगा।
सोशल मीडिया की अफवाहों से निपटने की भी ट्रेनिंग
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए स्काउट एंड गाइड को सेवा कार्यों के साथ-साथ इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से निपटने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
30 से अधिक शिविरों की जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश स्काउट एंड गाइड के राज्य कोषाध्यक्ष एवं सिंहस्थ सेवा दल के प्रभारी रमेश शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में स्काउट एंड गाइड को 30 से अधिक शिविरों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। इनमें 20 शिविर स्काउट-गाइड के होंगे।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं सिंहस्थ के पूर्व आयोजनों में सेवादूत के रूप में कार्य कर चुके हैं और इसलिए ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में स्वयंसेवकों की भूमिका को करीब से समझते हैं।
सेवा, सुरक्षा और प्रबंधन पर रहेगा जोर
सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार का फोकस केवल श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक सीमित नहीं है। भीड़ नियंत्रण, स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन, अफवाहों पर नियंत्रण और सेवा व्यवस्था को एक साथ मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने स्काउट एंड गाइड के स्वयंसेवकों से अपील की कि वे सिंहस्थ के दौरान किसी भी चुनौती और अप्रिय परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।