गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

गोंड कला की दुनिया में फिर चमका जनगढ़ का नाम

गढ़ सिंह श्याम की पेंटिंग ने रचा नया रिकॉर्ड, 2.88 करोड़ रुपये में हुई नीलाम

नई दिल्ली। प्रसिद्ध गोंड कलाकार जनगढ़ सिंह श्याम की कला ने एक बार फिर कला जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उनकी चर्चित पेंटिंग ‘बेल मुखोटा (गोंड)’ सैफ्रनआर्ट की ऑटम ऑक्शन में 2 करोड़ 88 लाख रुपये में नीलाम हुई है। यह कीमत खरीदार के प्रीमियम सहित है।

जनगढ़ सिंह श्याम की यह पेंटिंग 1999 में बनाई गई थी और यह कैनवास पर ऐक्रेलिक माध्यम में तैयार की गई है। इसका आकार करीब 168 × 110.5 सेंटीमीटर है। नीलामी से पहले इस कृति का अनुमानित मूल्य 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये रखा गया था।

सैफ्रनआर्ट के अनुसार यह पेंटिंग 19 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ऑटम ऑक्शन में लॉट नंबर 73 के रूप में शामिल थी। नीलामी में इसकी अंतिम कीमत 2.88 करोड़ रुपये रही।

‘बेल मुखोटा’ में जनगढ़ सिंह श्याम की विशिष्ट चित्रभाषा दिखाई देती है। पेंटिंग के केंद्र में बैल की विशाल आकृति है, जिसका शरीर पेड़ के तने की तरह ऊपर उठता दिखाई देता है। इसके आसपास पक्षियों और अनेक ज्यामितीय आकृतियों का इस्तेमाल किया गया है। सैफ्रनआर्ट ने जंगढ़ की कला में प्रकृति, जीव-जंतुओं और लोकविश्वासों से जुड़े तत्वों तथा उनकी विशिष्ट पैटर्न-निर्माण शैली को रेखांकित किया है।

मध्य प्रदेश से निकलकर जंगढ़ सिंह श्याम ने गोंड कला को एक विशिष्ट आधुनिक चित्रभाषा दी। सैफ्रनआर्ट के कलाकार परिचय के अनुसार, 1981 में वे भोपाल आए और भारत भवन से जुड़े। यहीं उनके काम को नए माध्यम और व्यापक रंग-पैलेट के साथ विकसित होने का अवसर मिला।

जंगढ़ सिंह श्याम का निधन 2001 में हुआ, लेकिन उनकी कला और उनके द्वारा विकसित चित्रशैली आज भी कलाकारों और कला-संग्रहकर्ताओं के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखती है। हाल की नीलामी में 2.88 करोड़ रुपये की बिक्री इस बात का एक दस्तावेजी उदाहरण है कि उनकी कृतियां आज के कला-बाजार में किस तरह मूल्यांकित हो रही हैं।

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