गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

आजादी का महापर्व: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- आज का भारत शक्तिशाली राष्ट्र,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने अपनी सामर्थ्य, पुरुषार्थ और पराक्रम का परिचय दे रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नक्सलमुक्त होने के बाद इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का उत्सव प्रदेशवासियों के लिए विशेष आनंद और गर्व का अवसर बना है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रविंद्र भवन में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित “आजादी का महापर्व” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रख्यात गायिका पद्मश्री श्रीमती कविता कृष्णमूर्ति की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद लिया और प्रदेशवासियों सहित सभी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने अपनी क्षमता और सामर्थ्य की नई गाथाएं लिख रहा है। उन्होंने कहा कि देश को लंबे समय से ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता महसूस हो रही थी, जो भारत के सामर्थ्य को वैश्विक स्तर पर मजबूती के साथ प्रस्तुत कर सके।उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर दुश्मन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का साहस रखती है। यही आज के शक्तिशाली भारत की पहचान हैडॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के लोकतंत्र को गौरवान्वित करने का कार्य हो रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों को याद करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित असंख्य वीरों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस मध्यप्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रदेश अब नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण हजारों निर्दोष नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी हिंसा और भय के माहौल से परेशान रहे।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का नक्सलमुक्त होना सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, शासन की कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह उपलब्धि प्रदेश में शांति, विकास और सुशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैकार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री श्रीमती कविता कृष्णमूर्ति के गायन की सराहना करते हुए कहा कि वे तमिल भाषी होने के बावजूद भारत की अनेक भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरती हैं। उनकी गायकी में विविध भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों की सुंदर झलक दिखाई देती है।उन्होंने कहा कि कला और कलाकार को भाषा या भौगोलिक सीमाओं में बांधा नहीं जा सकता। श्रीमती कृष्णमूर्ति के कंठ में मां सरस्वती का आशीर्वाद है। मुख्यमंत्री ने गायन के क्षेत्र में उनकी अविस्मरणीय और दीर्घकालीन सेवाओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से उनका अभिनंदन किया।मुख्यमंत्री ने इस सुंदर आयोजन के लिए संस्कृति मंत्री और संस्कृति विभाग को भी बधाई दी।कार्यक्रम में दक्षिण-पश्चिम भोपाल के विधायक श्री भगवानदास सबनानी, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, मध्यप्रदेश स्टेट वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय नगायच, नगर निगम भोपाल के सभापति श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रविन्द्र यति, अपर मुख्य सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी और नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *