
जहांगीराबाद थाने में अधिवक्ता राकेश रावल के साथ कथित मारपीट के मामले में निलंबित थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार ने पहली बार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर लगातार लोग उन्हें फोन कर रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन पुलिसकर्मी होने के कारण वह सार्वजनिक मंच पर मामले से जुड़ी हर बात नहीं बता सकते।अहिरवार ने वीडियो में कहा कि इस पूरे मामले में कई ऐसी बातें हैं जिन्हें फिलहाल सार्वजनिक रूप से कहना संभव नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि आगे साक्ष्य और अन्य जानकारियों के साथ वह अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह इस मामले से बाहर निकलेंगे।
परिवार और परिचितों से बोले- चिंता न करें
निलंबित TI ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों से भी चिंता नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी गलत काम के लिए निलंबित नहीं किया गया है और न ही उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण को लेकर परिवार को परेशान होने की जरूरत है।अहिरवार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह ठीक से सो नहीं पा रहे थे। लगातार फोन और संदेश आने के कारण उन्होंने कुछ समय के लिए अपना फोन फ्लाइट मोड पर रखा और आराम किया। उन्होंने कहा कि सुबह वीडियो बनाने का उद्देश्य उन लोगों को जवाब देना था जो उनकी स्थिति को लेकर चिंतित थे।
क्या है पूरा विवाद?
मामला 22 सितंबर की रात का है। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद के बाद मामला बढ़ गया था। रावल ने आरोप लगाया कि उन्हें थाने ले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस की ओर से मामले में दूसरा पक्ष भी सामने रखा गया है, जिसमें रावल पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं।राकेश रावल की शिकायत के आधार पर तत्कालीन थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दो आरक्षकों यश लखेरा व रामस्वरूप के खिलाफ मारपीट से संबंधित FIR दर्ज की गई। दूसरी ओर, पुलिसकर्मी की शिकायत पर रावल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
TI समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
विवाद के बाद डीसीपी जोन-1 अखिल पटेल ने राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच के लिए सात दिन की समयसीमा तय की है। निलंबन अवधि में तीनों पुलिसकर्मियों को रिजर्व सेंटर से संबद्ध किया गया है।
देर रात तक थाने के बाहर प्रदर्शन
घटना के विरोध में करीब 50 अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंचे और देर रात तक प्रदर्शन किया। इसके बाद बुधवार को भोपाल जिला अदालत के बाहर भी वकीलों ने विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।
अब जांच पर टिकी नजर
मामले में दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज होने और पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। राजन अहिरवार के सोशल मीडिया वीडियो के बाद मामले में उनका पक्ष भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए किसी भी नए आरोप की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।