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ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के लिए नए अवसरों का केंद्र बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मध्यप्रदेश में तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों को लेकर राज्य सरकार ने ग्वालियर को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में निवेशकों के साथ राउंड टेबल बैठक में कहा कि ग्वालियर में विकसित किया जा रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी कौशल के नए रास्ते खोल सकता है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों से संवाद करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, बुनियादी ढांचा और बिजली उपलब्धता राज्य को उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। उनके अनुसार पिछले करीब पौने तीन वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के दावे सामने आए हैं।

ग्वालियर में एक जगह पूरी होगी टेलीकॉम की वैल्यू चेन

ग्वालियर में प्रस्तावित जोन में टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को एक ही स्थान पर विकसित करने की योजना है। इसमें डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।यहां 5G और 6G उपकरणों, ऑप्टिकल फाइबर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT उत्पादों और सैटेलाइट कम्युनिकेशन से जुड़े उपकरणों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा।इसका सीधा असर स्थानीय युवाओं और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। उद्योगों के आने से रोजगार के साथ-साथ प्रशिक्षण, नई तकनीक सीखने और स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी पर जोर

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में तैयार किया जा रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश में टेलीकॉम क्षेत्र के लिए एक एकीकृत इकोसिस्टम विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने टेलीकॉम उद्योग में घरेलू डिजाइन और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।दूरसंचार विभाग भी भारत में टेलीकॉम उपकरणों के घरेलू निर्माण और पूरी वैल्यू चेन विकसित करने को बढ़ावा देने वाली विभिन्न योजनाएं चला रहा है।

निवेशकों के लिए प्रोत्साहन, युवाओं के लिए संभावनाएं

राज्य सरकार के अनुसार ग्वालियर के इस जोन में निवेश आकर्षित करने के लिए भूमि, पूंजी निवेश, बिजली और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं। परियोजना को केंद्र और राज्य की संयुक्त भागीदारी वाले एसपीवी के माध्यम से विकसित किए जाने की जानकारी दी गई है।सरकार का कहना है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में आयोजित निवेशक बैठकों के बाद कई कंपनियों ने ग्वालियर में इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इससे भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।बैठक में ग्वालियर की भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से जुड़ाव तथा क्षेत्र में उपलब्ध तकनीकी मानव संसाधन को टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए उपयोगी आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।

निवेश के साथ स्थानीय विकास पर नजर

ग्वालियर में टेलीकॉम उद्योग का विस्तार केवल कंपनियों के लिए निवेश का अवसर नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। नई औद्योगिक इकाइयों के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विस, प्रशिक्षण, हॉस्टल, खान-पान और छोटे कारोबारों की मांग बढ़ सकती है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्योगों को स्थापित करने और उनके संचालन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि प्रस्तावित निवेश धरातल पर आते हैं, तो ग्वालियर में तकनीक आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार हो सकता है।

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