तुर्की को अमेरिका से पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट मिलने की संभावना तेज होने के साथ ही पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में रक्षा संतुलन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तुर्की अपने रूसी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को किसी खाड़ी देश को हस्तांतरित करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि ऐसा होने पर अमेरिका के साथ एफ-35 कार्यक्रम में तुर्की की वापसी का रास्ता खुल सकता है।इसी संभावित बदलाव को देखते हुए ग्रीस अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ग्रीस इजरायल से लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली Rampage एयर-टू-सरफेस मिसाइल और SPICE प्रिसिजन-गाइडेड बम खरीदने की तैयारी कर रहा है। इन हथियारों का उद्देश्य वायुसेना की सटीक स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाना बताया जा रहा है।साथ ही, ग्रीस अमेरिका से अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण की भी मांग कर रहा है। इस संभावित रक्षा सौदे का मूल्य लगभग 1 अरब यूरो बताया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ग्रीस इजरायल के प्रस्तावित Achilles Shield बहु-स्तरीय वायु रक्षा कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा भी जता चुका है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3 अरब यूरो हो सकती है।Achilles Shield परियोजना में David’s Sling, SPYDER और Barak MX जैसे आधुनिक वायु एवं मिसाइल रक्षा सिस्टम शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे बहु-स्तरीय रक्षा नेटवर्क का उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों, ड्रोन तथा लड़ाकू विमानों सहित विभिन्न हवाई खतरों से सुरक्षा प्रदान करना है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तुर्की को भविष्य में एफ-35 विमान मिलते हैं, तो ग्रीस द्वारा अपनी वायु एवं मिसाइल रक्षा क्षमता को मजबूत करना क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।