मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर है। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने निवेशकों, उद्योगपतियों, राजनयिकों और प्रवासी भारतीयों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश, औद्योगिक साझेदारी और व्यापार के नए अवसर तलाशना है।दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद यूएई में रह रहे प्रवासी भारतीयों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय मध्यप्रदेश की विकास यात्रा और राज्य की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।MP के पारंपरिक उत्पादों को मिला अंतरराष्ट्रीय मंचमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के ओडीओपी और जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया।मुख्यमंत्री ने इन उत्पादों को मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति और हुनर की पहचान बताते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों को विदेशी बाजारों से जोड़ा जाए, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हों।भारतीय राजनयिकों से निवेश को लेकर चर्चामुख्यमंत्री ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ बैठक की। इस दौरान मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, निवेश-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी साझा की गई।मुख्यमंत्री ने यूएई के बड़े निवेश समूहों, संप्रभु निवेश कोषों और प्रमुख कारोबारी संस्थानों के साथ मध्यप्रदेश के संपर्क को मजबूत करने में भारतीय मिशन के सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।अरब देशों से व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोरदौरे के दौरान अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष भोज में भी मुख्यमंत्री शामिल हुए। यहां मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों के सामने नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और शहरी अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के अवसरों को रखा।खास तौर पर कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसमें कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन, कृषि लॉजिस्टिक्स और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुख रहे।21 से अधिक देशों को GIS-2027 के लिए आमंत्रणमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष से मध्यपूर्व और अफ्रीका के विभिन्न देशों के संसदीय नेताओं को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए विशेष निमंत्रण भेजने का आग्रह किया। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश, व्यापार और औद्योगिक साझेदारी के लिए और अधिक मजबूत मंच देने की कोशिश की जा रही है।वैश्विक मीडिया के सामने रखी मध्यप्रदेश की विकास गाथामुख्यमंत्री ने मीडिया संवाद में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और निवेश नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ निवेश लाना नहीं है, बल्कि निवेशकों के साथ लंबी अवधि की विकास साझेदारी बनाना है।