भोपाल। कोलार रोड स्थित प्रतिष्ठित मंच चाइना टेरेस में नीलकंठ संगीत ग्रुप एवं सूर्य सुर सरगम म्यूज़िकल ग्रुप द्वारा आयोजित फिल्मी गीतों की संगीतमय संध्या ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संयुक्त रूप से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए उभरते गायक, वादक और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए सदाबहार और लोकप्रिय फिल्मी गीतों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। सुरों और संगीत से सजी इस शाम में दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन तालियों की गड़गड़ाहट से किया, जिससे पूरा वातावरण संगीतमय हो उठा।कार्यक्रम के आयोजक कमलेश प्रजापति तथा सह-आयोजक वंदना जी और मनराज जी ने बताया कि उनकी संस्था का उद्देश्य नई और उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है, ताकि वे अपनी कला को निखार सकें और बड़े मंचों तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि संगीत और कला समाज को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे आयोजन कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण खंडवा से आई नन्हीं प्रतिभा दिशा हिरवाले रहीं, जिन्हें “वॉइस ऑफ खंडवा” के नाम से भी जाना जाता है। दिशा ने अपनी मधुर और प्रभावशाली आवाज़ में गीत प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।वहीं दमोह जिले के हटा नगर से आए युवा बांसुरी वादक श्रेय मिश्रा ने अपनी बांसुरी की मनमोहक धुनों से कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। उनकी सुमधुर प्रस्तुति ने संगीत प्रेमियों को भावविभोर कर दिया और वातावरण को सुरमय बना दिया।इसके अलावा अन्य उभरते गायकों और संगीतकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीतों और वादन ने संगीत प्रेमियों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।कार्यक्रम में उपस्थित संगीत प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।नीलकंठ संगीत ग्रुप और सूर्य सुर सरगम म्यूज़िकल ग्रुप द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उभरती प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और संगीत संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल भी साबित हुआ।