गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

हैदराबाद में देशभर से पहुंचे अस्थमा रोगियों और परिजनों को भोजन, पेयजल एवं मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध कराईं,

पारंपरिक फिश प्रसादम (अस्थमा निवारण औषधि) वितरण कार्यक्रम के दौरान मानव सेवा और सामाजिक सहयोग का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। 7, 8 एवं 9 जून को हैदराबाद में आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में देशभर से हजारों अस्थमा एवं श्वास संबंधी रोगी पहुंचे, जिनके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया गया।वर्षों से बेथिनी गौड़ परिवार द्वारा निःशुल्क वितरित किए जाने वाले फिश प्रसादम पर लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इसी अवसर पर अखिल भारतवर्षीय हैहेय कलचुरी महासभा, महिला विकास मंच तेलंगाना, जायसवाल महिला समिति तेलंगाना तथा जायसवाल महिला क्लब तेलंगाना के संयुक्त तत्वावधान में सेवा शिविर लगाया गया। शिविर में दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए निःशुल्क नाश्ता, पैक्ड फूड, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।यह सेवा कार्य राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे, राष्ट्रीय महासचिव श्री एम.एल. राय, राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला इकाई श्रीमती पूनम चौधरी गुप्ता, जामबाग पार्षद श्री राकेश जायसवाल एवं प्रदेश महिला प्रभारी श्री साईनाथ जायसवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।अखिल भारतवर्षीय हैहेय कलचुरी महासभा महिला इकाई की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती रंजना सूर्यवंशी ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग इस पारंपरिक उपचार को प्राप्त करने के लिए हैदराबाद पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर का उद्देश्य केवल भोजन और पेयजल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आगंतुकों को सहयोग, मार्गदर्शन और आत्मीयता का अनुभव कराना भी है।उन्होंने बताया कि फिश प्रसादम में विशेष हर्बल पेस्ट के साथ जीवित मछली का उपयोग किया जाता है, जिसे पारंपरिक पद्धति के अनुसार रोगियों को दिया जाता है। इस उपचार में विश्वास रखने वाले लोग हर वर्ष बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।कार्यक्रम के दौरान महिला स्वयंसेवकों ने आगंतुकों की सहायता, पंजीयन, मार्गदर्शन और व्यवस्था संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता, सहयोग, अनुशासन और मानव सेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। मरीजों और उनके परिजनों ने सेवा शिविर में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।श्रीमती रंजना सूर्यवंशी ने कहा कि समाज सेवा और जनकल्याण के ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों की सहभागिता से सेवा कार्यों का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा एवं जनकल्याण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

इस सेवा शिविर को सफल बनाने में श्री साईनाथ जायसवाल (प्रदेश महिला प्रभारी, तेलंगाना), श्रीमती दीपाशीष जायसवाल (अध्यक्ष, महिला विकास मंच एवं अखिल भारतीय महिला समिति तेलंगाना), श्रीमती रश्मि जायसवाल (अध्यक्ष, तेलंगाना जायसवाल महिला समिति), श्रीमती श्वेता जायसवाल (अध्यक्ष, जायसवाल महिला क्लब तेलंगाना), श्रीमती मीना जायसवाल (अध्यक्ष, अखिल भारतीय हैहेय कलचुरी महिला महासभा तेलंगाना) तथा अखिल भारतवर्षीय हैहेय कलचुरी महासभा युवा अध्यक्ष तेलंगाना राज्य श्री बोयापल्ली लिंगस्वामी गौड का विशेष योगदान रहा।आयोजन मानव सेवा, सामाजिक सहयोग और सामुदायिक सहभागिता की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया।

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