नागलवाड़ी (बड़वानी), सोमवार। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट के अवसर पर बड़वानी जिले के प्रबुद्धजनों, एनआरएलएम की लखपति दीदियों, नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी के अनुभव सुने, उनकी उपलब्धियों की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों और खिलाड़ियों सहित समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग दे रही है।ग्राम भागसुर की सीमा नरगावे, जिन्हें क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जाना जाता है, ने मुख्यमंत्री को निमाड़ी भाषा में अपनी सफलता की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने जैविक खेती और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आज वह गांव की अन्य महिलाओं को जैविक खेती के गुर सिखा रही हैं। सीमा ने बताया कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव मिनटों में हो जाता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और उन्हें गांव में नई पहचान भी मिली है।
मुख्यमंत्री ने सीमा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल है।हॉकी की नेशनल खिलाड़ी सुश्री स्नेहा मोहनिया ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर दो स्वर्ण और एक रजत पदक प्राप्त हो चुके हैं। स्नेहा ने बड़वानी में एस्ट्रो-टर्फ मैदान की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और आश्वस्त किया कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।एयर राइफल शूटिंग की नेशनल खिलाड़ी जुलवानिया निवासी सुश्री वैष्णवी महुले से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैष्णवी को राज्य स्तरीय शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। साथ ही जुलवानिया में शूटिंग क्लब प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहे प्रशिक्षक श्री नीरज को बालिकाओं को प्रशिक्षण देने के उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

कृषि क्षेत्र में नवाचार की मिसाल पेश करते हुए ग्राम घटवा निवासी उन्नत कृषक श्री महेश पाटीदार ने अपने उत्पाद “गुड़ की चाय” के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 28 लाख रुपये का ऋण लिया, जिसमें 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। वर्तमान में वे प्रतिवर्ष 500 क्विंटल “गुड़ की चाय” के पैकेट बेच रहे हैं और इसे एक हजार क्विंटल तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। उनके उत्पाद अमेजॉन सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने उनके उद्यमशील प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मूल्य संवर्धन और प्रोसेसिंग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।