मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय से प्रदेश में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान, संकल्प से समाधान अभियान तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स एवं कलेक्टर्स से संवाद कर योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं में अधिकाधिक जनसहयोग सुनिश्चित करते हुए समर्पण और फोकस के साथ कार्य करें।उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि वे जनकल्याणकारी कार्यों को तेजी से पूर्ण कराएं तथा योजनाओं का प्रभावी और व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही, जनता एवं जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को जिलों में नियमित भ्रमण, ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम तथा आमजन से सीधे संवाद करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चलाए गए “संकल्प से समाधान अभियान” के माध्यम से 106 योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया। उन्होंने इस अभियान के उद्देश्यों की निरंतर पूर्ति के लिए सक्रिय बने रहने पर जोर दिया।जल संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से प्रारंभ “जल गंगा संवर्धन अभियान” 30 जून 2026 तक जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए छोटे किसानों की प्राथमिकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान किया जाए तथा उपार्जन केंद्रों पर छाया, पानी, बारदाना और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध रहें। बताया गया कि अब तक 1.13 लाख से अधिक किसानों से 4.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और 355 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।मुख्यमंत्री ने बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर्स की वार्षिक रैंकिंग करने की घोषणा की, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बने।उन्होंने जानकारी दी कि 20 अप्रैल को भोपाल में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें रैली और आमसभा का आयोजन भी होगा।बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को डिलिवरी सिस्टम को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के निर्देश देते हुए टीम भावना के साथ कार्य करने पर बल दिया।