खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में मंत्रि-परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक बुंदेलखंड क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, औद्योगिक प्रगति, रोजगार सृजन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा सेवाओं के उन्नयन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अहम निर्णयों के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। बैठक में लिए गए दूरगामी निर्णयों का उद्देश्य बुंदेलखंड को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है।बैठक की शुरुआत में बुंदेलखंड के विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए संकल्प और प्रयासों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। सदस्यों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड की दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान और विकास की गति को तेज करने के लिए ठोस पहल की है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं।बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सागर के औद्योगिक क्षेत्र “मसवासी ग्रंट” हेतु एक विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी दी गई। यह पैकेज निवेशकों को आकर्षित करने और औद्योगिक वातावरण को सक्षम बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि प्रीमियम और वार्षिक भू-भाटक की दर मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर तय की है। यह निवेशकों को आकर्षक सुविधा प्रदान करेगा। साथ ही विकास शुल्क के भुगतान के लिए 20 समान वार्षिक किश्तों की अनुमति दी गई है, जिससे निवेशकों पर वित्तीय बोझ कम होगा। संधारण शुल्क 8 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक निर्धारित किया गया है।इसके अलावा, स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क में 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई है। उद्योग स्थापित करने वाली इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के बाद 5 वर्षों तक विद्युत शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।वृहत श्रेणी के उद्योगों पर उद्योग संवर्धन नीति 2025 और निवेश प्रोत्साहन योजना 2025 के प्रावधान लागू होंगे। वहीं एमएसएमई क्षेत्र के लिए एमएसएमई विकास नीति–2025 तथा एमएसएमई प्रोत्साहन योजना–2025 लागू होगी।ध्यान देने योग्य बात यह है कि सीमेंट निर्माण इकाइयों को इस विशेष पैकेज से बाहर रखा गया है। यह पैकेज आगामी पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।बैठक में बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने, सड़क निर्माण के नए कार्य शुरू करने तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों को अपग्रेड करने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।इसके साथ ही, मंत्रि-परिषद ने नौरादेही अभयारण्य में चीता के रहवास के लिए विभिन्न विकास कार्यों को भी स्वीकृत किया। चीतों के संरक्षण, सुरक्षा एवं अनुकूल पर्यावरण के निर्माण के लिए नई सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह पहल मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।


छतरपुर और दमोह मेडिकल कॉलेजों में नए पदों की स्वीकृति

बैठक में छतरपुर और दमोह के मेडिकल कॉलेजों में नए पद सृजित करने तथा शासकीय चिकित्सालयों के उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।

इन निर्णयों से:

  • स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
  • विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

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