सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएँ,

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए सभी को देश के वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह दिवस सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि और कृतज्ञता व्यक्त करने का अनमोल अवसर है। यह दिन न केवल शहीद सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक है, बल्कि हमें सैनिक कल्याण के लिए आगे आने और योगदान देने के लिए भी प्रेरित करता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सैनिक कल्याण कोष में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 11 हजार रुपये का योगदान किया। उन्होंने सैनिक कल्याण में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाने की पहल करते हुए कहा कि क्यूआर कोड के जरिए दान की सुविधा से अधिक से अधिक नागरिक आसानी और पारदर्शिता के साथ सैनिक परिवारों की सहायता कर सकते हैं। यह पहल वंचित और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए सहायक सिद्ध होगी।


वीर सैनिकों के सम्मान का दिवस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे उन बहादुर जवानों की याद दिलाता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया है। ऐसे अनेक सैनिक हैं जिन्होंने देश की रक्षा करते समय सर्वोच्च बलिदान दिया। वहीं अनेक सैनिक ऐसे भी हैं जिन्होंने युद्ध या ड्यूटी के दौरान स्थायी रूप से शारीरिक क्षति झेली, लेकिन उनका राष्ट्रभक्ति का जज्बा अटल रहा।उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की जनता का कर्तव्य है कि वे ऐसे वीर सपूतों और उनके परिवारों के सुख-दुःख में साथ खड़े रहें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजन से अपील की कि वे शहीद सैनिकों के परिजनों, विधवाओं, आश्रितों तथा शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उदारतापूर्वक योगदान दें। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से सैनिक कल्याण के लिए संचालित योजनाएँ अधिक प्रभावी और व्यापक बनती हैं।


मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ब्रिगेडियर अरुण नायर, सेना मेडल (से.नि) एवं संचालक, सैनिक कल्याण बोर्ड ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को झंडा लगाया और उन्हें स्मृति चिन्ह (मोमेन्टो) भेंट किया। यह स्मृति चिन्ह भारतीय सेना के गौरव, बलिदान और साहस का प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण बोर्ड के अन्य अधिकारी—

  • श्री आर.एन. सिंह तोमर
  • श्री गिरीश चंद्र यादव
  • श्री शैलेश कुमार चौकसे
  • श्री संजय भील
  • और श्री जसवीर सिंह

भी उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने मिलकर सैनिक परिवारों के हित में चल रही योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की।


सैनिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सैनिकों के सम्मान और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए कई योजनाएँ संचालित हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आर्थिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है।उन्होंने बताया कि सरकार शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, रोजगार, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाओं में प्राथमिकता दे रही है। इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्त सैनिकों और शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।सैनिक कल्याण बोर्ड के साथ मिलकर राज्य सरकार शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सहायता, स्वरोजगार योजनाओं और अन्य लाभकारी पहलों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।


समाज को दिया प्रेरक संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना विश्व की सबसे सक्षम, अनुशासित और साहसी सेनाओं में से एक है। देश के किसी भी कोने में प्राकृतिक आपदा हो या सीमा पर तनाव की स्थिति, हमारे सैनिक हर परिस्थिति में देशवासियों की सुरक्षा हेतु तत्पर रहते हैं। इसलिए समाज को भी सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके परिवारों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।उन्होंने कहा कि झंडा दिवस पर लगाए गए छोटे-छोटे योगदान भी सैनिक कल्याण के बड़े कार्यों में परिवर्तित हो जाते हैं। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से भी अपील की कि वे सेना में भर्ती होकर देश सेवा के गौरवपूर्ण मार्ग को अपनाएँ।

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