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रायपुर/हैदराबाद, 18 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सुरक्षा बलों द्वारा संचालित संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता मिली है। तीनों राज्यों के सीमावर्ती जंगलों में हुई एक सुनियोजित मुठभेड़ में, सुरक्षा बलों ने कुख्यात माओवादी कमांडर हिड़मा को मार गिराया है। हिड़मा पर इन तीनों राज्यों में संयुक्त रूप से ₹1 करोड़ रुपये का बड़ा इनाम घोषित था।

यह मुठभेड़ सुबह तड़के तब हुई जब सुरक्षा बलों की एक विशिष्ट संयुक्त टीम को हिड़मा और उसके दस्ते की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। आत्मसमर्पण करने के आह्वान को नज़रअंदाज़ करते हुए, नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की।

मुठभेड़ खत्म होने के बाद तलाशी अभियान में, सुरक्षा बलों को हिड़मा सहित कुल सात नक्सलियों के शव मिले। मारे गए अन्य छह नक्सली भी हिड़मा के मुख्य सुरक्षा दस्ते के सदस्य थे। घटनास्थल से अत्याधुनिक एके-47 राइफलें, एसएलआर, बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, वायरलेस सेट और नक्सली साहित्य भी बरामद हुआ है।
नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड: हिड़मा, जिसका असली नाम माडवी हिड़मा बताया जाता है, पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन नंबर-1 का प्रमुख था और माओवादियों की केंद्रीय सैन्य आयोग का भी सदस्य था। सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार, वह पिछले दो दशकों में हुए 20 से अधिक बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। इनमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला, 2013 का झीरम घाटी हमला और पिछले वर्षों में हुए कई आईईडी विस्फोट शामिल हैं, जिनमें सैकड़ों सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। उसका मारा जाना बस्तर क्षेत्र और इससे सटे आंध्र-तेलंगाना सीमा पर नक्सल संगठन के लिए एक असहनीय झटका माना जा रहा है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी है। छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, “यह नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक बड़ी सफलता है। हिड़मा की मौत से न केवल बटालियन 1 कमजोर होगी, बल्कि स्थानीय कैडर का मनोबल भी टूटेगा। हमारा अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हम अंतिम नक्सली का सफाया नहीं कर देते।”
इस बड़ी सफलता के बाद, तीनों राज्यों के सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि बदले की कार्रवाई की किसी भी कोशिश को विफल किया जा सके। स्थानीय लोग और सुरक्षा विशेषज्ञ इसे क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मान रहे हैं।