“प्रधानमंत्री मोदी की धन-धान्य कृषि योजना से खेती में आएगा बदलाव: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कृषि विकास के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि देश के कृषि क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर से केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित “अन्नदाताओं का सम्मान, समृद्ध राष्ट्र का निर्माण” कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया और इंदौर में 30 लाख टन क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का वर्चुअली शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इंदौर और ग्वालियर सहित अन्य सहकारी संघों को पैक्स से जोड़े जाने को ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को दी गई इन महत्वपूर्ण सौगातों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का हृदय से आभार प्रकट किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर से वर्चुअली सुना। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री श्री लखन पटेल, विधायकगण श्री मधु वर्मा, श्री रमेश मेंदोला, श्री मनोज पटेल, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा तथा मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और गर्व से भरा हुआ था, जहाँ किसानों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विज़न का स्वागत किया।

कार्यक्रम के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के किसानों के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन – की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों योजनाएँ कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण और बाजार सुधार की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएँगी। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 10 हजार एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के अंतर्गत 50 लाख किसान सदस्य बन चुके हैं, जिससे किसानों को सामूहिक शक्ति और बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश कृषि विकास और सहकारिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन के अंतर्गत एक लाख किसानों का प्रमाणन किया गया है, 4,275 मैत्रियों को प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया गया है तथा कंप्यूटरीकरण के माध्यम से 10 हजार से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके साथ ही राज्य में डेयरी, मत्स्यपालन, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कई कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इंदौर में 79 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 30 लाख टन क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का शुभारंभ मध्यप्रदेश को डेयरी सेक्टर में नई पहचान दिलाएगा। साथ ही, इंदौर और ग्वालियर सहकारी संघों को पैक्स से जोड़ा जाना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से देश के उन 100 जिलों में विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहाँ अब तक कृषि उत्पादकता अपेक्षाकृत कम रही है। इन योजनाओं से न केवल खाद्यान्न और दलहन उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों में 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएँ शामिल की गई हैं, जो देश के ग्रामीण और कृषि ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, भंडारण और विपणन सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “अन्नदाताओं का सम्मान ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण है”, यह मंत्र अब साकार हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संकल्पित है और किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्चुअल कार्यक्रम की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर जिले के किसानों द्वारा आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रधानमंत्री के विज़न के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि ये योजनाएँ उनके जीवन में नए अवसरों और समृद्धि के द्वार खोलेंगी।

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