मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पितृ मोक्ष अमावस्या पर पितरों को किया नमन,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर अपने पूज्य पितरों को नमन करते हुए श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूर्वज हमारे जीवन के मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत हैं। वे मनुष्यता और सफलता के नए-नए शिखरों को छूने की यात्रा में हमें निरंतर दिशा देते रहते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृ मोक्ष अमावस्या का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि हमारे मूल्यों और आदर्शों को याद करने का भी अवसर है। पूर्वजों के प्रति हमारी निष्ठा और समर्पण ही हमें सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि “पूर्वज हमारे जीवन के पथप्रदर्शक हैं। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान दे सकते हैं।”डॉ. यादव ने पितरों के चरणों में सादर प्रणाम करते हुए कहा कि यह पर्व हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि “मैं अपने सभी पूज्य पितरों के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ और उनसे प्रार्थना करता हूँ कि वे हम सभी को जीवन की सही दिशा दिखाते रहें।”मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस अवसर पर अपने पितरों के आदर्शों और मूल्यों पर चलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को मजबूत बनाने और आपसी भाईचारे को बढ़ाने के लिए हमें अपने पूर्वजों की परंपराओं को याद रखना होगा।

उन्होंने कहा कि “हमारे पितरों ने जिस त्याग, परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत किया, वही हमारे जीवन का पथदर्शन है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा स्थापित आदर्श और संस्कार हमारी नई पीढ़ियों तक पहुँचें।”मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खुशहाली और नागरिकों के कल्याण के लिए पितरों और परमात्मा से आशीर्वाद की प्रार्थना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूज्य पितरों की कृपा से प्रदेश निरंतर प्रगति करेगा और जनता के जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।पितृ मोक्ष अमावस्या के इस अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों के आशीर्वाद के साथ संकल्पित होकर समाज को नई दिशा देने के लिए कार्य करना चाहिए।

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