मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण एवं ऐप का लोकार्पण,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान और विज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। 300 वर्ष पूर्व तक कालगणना की पद्धति भारत से विश्वभर में जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण एवं उसके मोबाइल ऐप के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह घड़ी विरासत, विकास, प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रतीक है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है।

इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है। शौर्य स्मारक से आरंभ हुई ‘भारत का समय – पृथ्वी का समय’ रैली भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया।कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यूट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर आधारित फिल्म की सीडी का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और युवाओं को मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वैदिक घड़ी भेंट की गई।

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