
राजधानी भोपाल के चुना भट्टी चौराहे पर वाहन मालिकों ने खनिज विभाग के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वाहन मालिक शामिल हुए। वाहन मालिकों ने पर्यावरण टैक्स सहित सरकार द्वारा लगाए जा रहे अन्य करों एवं शुल्कों में बढ़ोतरी का विरोध करते हुए अपनी विभिन्न मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।धरना दे रहे वाहन मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से परिवहन व्यवसाय से जुड़े खर्चों में लगातार वृद्धि हो रही है। डीजल की कीमत, वाहन बीमा, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स, कर्मचारियों का वेतन तथा अन्य परिचालन खर्च बढ़ने के कारण पहले से ही व्यवसाय पर आर्थिक दबाव है। ऐसे में पर्यावरण टैक्स और अन्य करों एवं शुल्कों में बढ़ोतरी से वाहन मालिकों के सामने आर्थिक संकट और गहराता जा रहा है।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वाहन मालिकों की समस्याओं और उनकी मांगों पर अब तक अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन नियमों और करों के संबंध में स्पष्टता होना जरूरी है। साथ ही विभागीय कार्रवाई में पारदर्शिता और सभी वाहन मालिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।वाहन मालिकों ने सरकार और खनिज विभाग से पर्यावरण टैक्स सहित अन्य करों एवं शुल्कों में की गई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे शासन के नियमों का पालन भी हो और वाहन मालिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े।धरना प्रदर्शन के दौरान वाहन मालिकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष जल्द चर्चा किए जाने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वाहन मालिकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना जाए और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग द्वारा की जाने वाली जांच एवं कार्रवाई स्पष्ट नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए।

धरने के दौरान वाहन मालिकों में अपनी मांगों को लेकर नाराजगी दिखाई दी, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कानून-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके की स्थिति पर निगरानी रखी गई, ताकि प्रदर्शन के कारण आम नागरिकों और वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो वे आगामी दिनों में अपने आंदोलन को व्यापक रूप देने पर विचार करेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वाहन मालिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के बीच जल्द संवाद कराया जाए।वाहन मालिकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। साथ ही उन्होंने सरकार से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों की वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए करों एवं विभागीय नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की।