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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया पौधरोपण, कहा- प्रकृति का मित्र बनना समय की आवश्यकता,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें भविष्य के प्रति सचेत रहने का संदेश देता है। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है तो पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्रदूषण कम करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करना होंगे। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति का मित्र बनना होगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत आम का पौधा रोपित किया तथा सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से समृद्धि लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने “बिना सहकार नहीं उद्धार” का नारा देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को देश की “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने बताया कि अपेक्स बैंक द्वारा संचालित प्रदेशव्यापी हरित सहकार अभियान के तहत विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में एक साथ एक लाख पौधों का रोपण किया गया। अभियान में अपेक्स बैंक मुख्यालय, सभी जिला सहकारी बैंक तथा प्राथमिक साख सहकारी समितियाँ सक्रिय रूप से सहभागी बनीं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि फसल ऋण एवं अन्य सहकारी गतिविधियों के लिए वित्तीय वर्ष की अवधि 31 मार्च के स्थान पर 31 मई तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे किसान ऋण चूककर्ता बनने से बच सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारी समितियों में अनियमितता पाए जाने पर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी, जबकि किसानों और समितियों के हित सुरक्षित रखे जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सुशासन का 13वाँ वर्ष प्रारंभ हुआ है। इसी क्रम में प्रदेश में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर की सहकारी समितियों के माध्यम से व्यापक पौधरोपण अभियान संचालित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन दूध संकलन में लगभग 13 लाख लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सांची दुग्ध संघ के माध्यम से किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही है तथा प्राकृतिक खेती, गौ-संवर्धन और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना से सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा तथा किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश ने गेहूं उत्पादन और उपार्जन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य सरकार ने 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर किसानों को एमएसपी के साथ बोनस का लाभ भी प्रदान किया है।खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगाए गए पौधों का संरक्षण सफलतापूर्वक किया गया है और इस वर्ष भी एक लाख पौधे रोपित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।अपेक्स बैंक के अध्यक्ष (प्रशासक) श्री महेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान के तहत प्रदेश की 4,500 से अधिक सहकारी समितियाँ और 38 जिला सहकारी बैंक एक साथ पौधरोपण अभियान में शामिल हुए हैं।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की मुख्य महाप्रबंधक सुश्री सी. सरस्वती ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विश्व पर्यावरण दिवस की स्मृति स्वरूप आम की टोकरी भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता सहित सहकारिता विभाग एवं विभिन्न सहकारी संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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