सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में भोपाल नगर निगम ने शहर के रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ शनिवार से व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी। अभियान की शुरुआत रोहित नगर से हुई, जहां एक टैटू स्टूडियो, एक स्किन क्लीनिक और बाद में सलैया स्थित एक होटल को सील किया गया।नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही रोहित नगर, बावड़ियाकलां और अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों के 200 से अधिक व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए। कई दुकानों के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई कि नगर निगम के निर्देशों के पालन में व्यवसाय अस्थायी रूप से बंद किया गया है। व्यापारियों के अनुसार, कार्रवाई की आशंका और कानूनी प्रक्रिया के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया।सीलिंग अभियान के दौरान नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगभग 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि रोहित नगर, बावड़ियाकलां तथा अन्य चिन्हित रिहायशी क्षेत्रों में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।कार्रवाई के दौरान बावड़ियाकलां में एक टैटू स्टूडियो को सील किए जाने का विरोध भी देखने को मिला। पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार ने व्यापारियों की ओर से आपत्ति जताते हुए कहा कि नोटिस मिलने के बाद भी कई लोगों के सामने स्पष्टता का अभाव है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बाद में नगर निगम अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया और अभियान जारी रहा।नगर निगम के अनुसार, अब तक शहरभर में रिहायशी भवनों से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 1,018 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 429 नोटिस अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां क्षेत्र में दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया, उनके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।इस कार्रवाई ने एक ओर शहर में नियोजित शहरी विकास और नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है, वहीं दूसरी ओर अनेक छोटे व्यापारियों के सामने आजीविका और वैकल्पिक व्यावसायिक स्थान की चुनौती भी खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नियमों के पालन के साथ प्रभावित व्यापारियों के लिए आगे क्या समाधान निकलता है।