भोपाल। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होगा। इसी संदेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली से ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ राष्ट्रीय संकल्प अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत भोपाल के मैनिट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और नागरिकों को नशामुक्त जीवन की शपथ दिलाई।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाला लोकतांत्रिक देश है और यही युवा शक्ति राष्ट्र के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, नवाचार, खेल, रोजगार और राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाने का आग्रह किया।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नशे के सामाजिक दुष्परिणामों पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां, रिश्ते और भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि नशे की वजह से दो भाइयों के बीच हुआ विवाद हिंसा में बदल गया, जिसमें एक की मृत्यु हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं और हर परिवार को इससे सीख लेने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश में डाकुओं और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाए गए, उसी तरह अब नशे के खिलाफ भी जनभागीदारी से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और जागरूकता से संभव होगा।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहेंगे, अपने परिवार और समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाएंगे तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।