मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के फैसलों में शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक व्यवस्था और महिला कल्याण से जुड़े विषय प्रमुख रहे।पांच साल के लिए समग्र शिक्षा योजना को मंजूरीप्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केन्द्र प्रवर्तित ‘समग्र शिक्षा योजना’ को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।योजना के माध्यम से पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण 66शिक्षा उपलब्ध कराने, सामाजिक एवं लैंगिक असमानता कम करने, शिक्षा व्यवस्था में समावेशन बढ़ाने और व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में भी योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।परिवहन क्षेत्र में 1,166 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरीनागरिक सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के निरंतर संचालन हेतु 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।इसमें उड़नदस्ता एवं चेक पॉइंट की स्थापना के लिए 377 करोड़ 41 लाख रुपये, जिला स्थापना के लिए 361 करोड़ 89 लाख रुपये और स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245 करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, ग्रामीण परिवहन नीति, सड़क हादसों में मदद करने वाले ‘नेक व्यक्ति पुरस्कार’ तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता दी गई है।