सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि सऊदी अरब ने यमन के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्जनों हवाई हमले किए। इसके जवाब में हूती समूह ने सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और एयरबेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है।इस बीच सऊदी नागरिक सुरक्षा ने मक्का सहित जेद्दा, तैफ, आभा, जाजान, अल उला और यानबू के कई इलाकों के लिए हवाई हमले की चेतावनी जारी की। मक्का को लेकर इस तरह का अलर्ट सामने आने से विशेष चिंता बढ़ गई। हालांकि, कुछ समय बाद अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है।अलर्ट के दौरान सऊदी नागरिकों और निवासियों को घरों के अंदर रहने तथा खुले स्थानों, खिड़कियों, कांच, बालकनी और छतों से दूर रहने की सलाह दी गई। लोगों से भीड़ एकत्र नहीं करने और हमले से जुड़े वीडियो बनाने से बचने को कहा गया। आपात स्थिति में 911 पर संपर्क करने की सलाह भी दी गई।हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उनके हमलों से खमीस मुशैत, आभा और तैफ क्षेत्रों में मामूली से मध्यम नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, सात घर और दो वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।दूसरी ओर, हूती समूह का आरोप है कि सऊदी अरब ने यमन के लाहज, तैज, अल-जॉफ, मारिब और हज्जा प्रांतों में 54 हवाई हमले किए। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि हमलों में एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। हूती समर्थक मीडिया ने तैज प्रांत में नागरिकों की मौत और कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी है।इससे पहले सोमवार को हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया था। हूती प्रवक्ता के मुताबिक, एयरबेस के हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों पर सऊदी अधिकारियों की तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।लगातार हो रहे मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों के बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका है। स्थिति पर सऊदी अरब और यमन के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।