गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

मध्य प्रदेश की 16 ITI संस्थानों का निजीकरण उद्देश्य से क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन ने निकाली जागरूकता रैली,

आज ग्राम चकल्दी में एकलव्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन इकाई द्वारा पूरे ग्राम में निजीकरण के ख़िलाफ़ जागरूकता रैली निकाली व नुक्कड़ सभा आयोजित की।विद्यार्थियों का कहना है कि,मध्य प्रदेश की जनविरोधी,शिक्षा विरोध नीतियों को जनता के सामने खोल कर रखा।जिसमें जनता की गाढ़ी कमाई से खोले गए सार्वजनिक संस्थान को अपने कॉरपोरेट यारों को धड़धडा कर सौंप रही है।मध्य प्रदेश के सबसे पिछड़े, दूरस्थ आदिवासी बहुल जिलों के आईटीआई केंद्रों,जिसमें सीधी,झाबुआ,बैतूल,खरगोन आदि जिले शामिल हैं,को निजी एनजीओ परम फाउंडेशन को सौंपने की ओर कदम उठा चुका है।जिसमें क्षेत्र की एक मात्र आदिवासी आईटीआई संस्थान चकल्दी भी शामिल है।बच्चों के भविष्य पर अशिक्षा के बादल मंडरा रहे हैं।
क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन की इकाई अध्यक्ष आरती बरकडे़ ने बताया कि,प्रदेश की भाजपा सरकार ने हम विद्यार्थियों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है।यह लड़ाई हमारे भविष्य बचाने की लड़ाई है।पूंजीवादी,कॉर्पोरेट परस्त सरकार ने अच्छे ख़ासे शिक्षण संस्थान को निजी हाथों में सौंपकर देश के भविष्य की घोर अवहेलना की है।जहां एक ओर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का जुमला फेंका जाता है।वहीं दूसरी तरफ़ शिक्षण संस्थान पर ताला जड़कर क्या साबित करना चाहते हैं।यह सरासर दोगला रवैया है और सरकार के इस दोमुंहेपन को जनता की अदालत में नंगा करके रहेंगे।इन हरकतों से यह साबित होता है कि,भाजपा सरकार पूरे देश को यह अशिक्षित,अज्ञान पूंजीपतियों की गुलाम बनना चाहती है।हम देश के युवा,भावी पीढ़ी ऐसा कतई नहीं होने देगी।
संगठन उपाध्यक्ष रामकिशोर उईके ने कहा कि,पिछले 12 वर्ष पहले ही 5 परिसर जो की चार करोड़ रुपए की लागत से निर्मित करा गया है।उसको बेचने की क्या ज़रूरत आ पड़ी है।जबकि राज्य स्तर पर यह मामला सैकड़ों करोड़ रुपए की लूट को उजागर करता है। चकल्दी के इस संस्थान से अध्ययन कर विद्यार्थी देश कई राज्यों में देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।गौरतलब है कि,प्रदेश सरकार उन हालातों में तानाशाही फ़रमान जारी करती है जब विद्यार्थी अपनी वार्षिक परीक्षाओं में व्यस्त था।क्या सरकार की मंशा परीक्षा से हमारा ध्यान भटकाकर,मानसिक रूप से परेशान करना था।इसलिए क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन भाजपा सरकार की काली नीतियों को जनता के सामने लाकर रहेगा।
इसके लिए जनांदोलन को कितने ही व्यापक स्तर पर ही क्यों ना ले जाना पड़े। इसी के साथ क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के सचिव गोविंद मसकोले ने कहा “ये मनुवादी सरकार केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं बल्कि किसानों,दलितों, आदिवासियों,अल्पसंख्यकों आदि सभी पर नए नए तरीके से जुल्म ढहा रही है। किसानों को अपनी फसलों के समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है, सरकार फसल आने पर या खाद देते वक्त किसानों से ऐसे बर्ताव करती है जैसे कि उन्होंने सफल उगाकर कोई गुनाह कर दिया हो।विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप समय से नहीं आती किन्तु इनके नेताओं के मासिक वेतन कभी लेट नहीं होते।संस्थान के पूर्व छात्र और अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन के राज्य संयोजक संदीप “कलाम” ने कहा है कि,शिक्षा हमारा मूलभूत अधिकार है और हम इसे किसी भी कीमत पर पूंजीपति,कॉर्पोरेट्स की तिजौरी की गड्डी नहीं बनने देंगे।सार्वजनिक शिक्षण प्रणाली को ध्वस्त नहीं होने देंगे।कॉरपोरेट्स की दलाल भाजपा/RSS की सरकार ने पूरे देश में निजीकरण का नंगा नाच मचा रखी है।सभी सार्वजनिक क्षेत्रों में सेंध मारी कर रखी है।क्या रेल विभाग,बिजली विभाग,विैमान पत्तन,बंदरगाह और तो और रक्षा विभाग तक निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।शिक्षण पाठ्यक्रम में बदलाव करते करते यह तो विद्यार्थियों के जीवन से ही खिलवाड़ करने लगे।शिक्षित भारत इन फासिस्ट संघी भाजपाइयों कानी आंख नहीं सुहाता।शिक्षित आत्मनिर्भर बनाती है पर ये शिक्षा से दूर करके विद्यार्थियों को अंधभक्त की श्रेणी की ओर अग्रसर कर रहे है। किंतु वर्तमान में युवाशक्ति पढ़ने, करने और अपने हक अधिकार के लिए लड़ना तेजी से सीख रही है। वो किसी भी अन्याय को अधिक समय तक बरदाश नहीं करेगी।

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