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मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और किसान कल्याण के लिए लगभग 13,800 करोड़ रुपये की मंजूरी,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लगभग 13,800 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रि-परिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत और अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान सहित कुल 13,565.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इस निर्णय से राजधानी भोपाल में आधुनिक और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा शहर के यातायात नेटवर्क का व्यापक विस्तार होगा।प्रदेश में डिजिटल प्रशासन और तकनीकी दक्षता को मजबूत बनाने के लिए वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि हेतु आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं एवं सूचना प्रौद्योगिकी कार्य योजना के लिए 235.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस पहल से ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बिग डेटा और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।कृषि और उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इससे प्रदेश की कपास जिनिंग मिलों की लागत कम होगी, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।किसानों के हित में मंडी शुल्क को एक रुपये से बढ़ाकर 1.50 रुपये करने का निर्णय भी लिया गया है। इस वृद्धि से अनुमानित 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, जिसका उपयोग किसान सड़क निधि, कृषि अनुसंधान, कृषि अधोसंरचना विकास, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, प्रसंस्करण इकाइयों और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।बैठक में आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को एक वर्ष की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने का निर्णय लिया गया।मंत्रि-परिषद के इन निर्णयों से प्रदेश में आधारभूत संरचना विकास, डिजिटल नवाचार, कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और जनकल्याण को समान रूप से गति देते हुए मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।

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