
मध्य प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को केंद्र सरकार ने देश का नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। 1993 बैच की अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी की इस नियुक्ति के साथ मध्य प्रदेश कैडर के एक और वरिष्ठ अधिकारी को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए उनकी नियुक्ति की। उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी संभालने से पहले दीप्ति गौड़ मुखर्जी कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थीं।दीप्ति गौड़ मुखर्जी केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की सीईओ भी रह चुकी हैं। इस दौरान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन और इससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रही।इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी काम किया है। प्रशासनिक अनुभव के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को लागू करने का उनका अनुभव नई जिम्मेदारी में भी उपयोगी माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़ी चुनौतियां
उच्च शिक्षा सचिव के रूप में दीप्ति गौड़ मुखर्जी के सामने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े नीतिगत फैसले, उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाना प्रमुख विषयों में शामिल हैं।छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना और उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता तथा प्रशासनिक सुधार को आगे बढ़ाना भी उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में रह सकता है।
मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र तक लंबा प्रशासनिक अनुभव
3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने अर्थशास्त्र और पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी किया।आईएएस के रूप में उनका प्रशासनिक करियर मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। मध्य प्रदेश में उन्होंने कार्मिक, सामान्य प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में भी कार्य किया।विभिन्न विभागों में काम करने के दौरान उन्हें प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का व्यापक अनुभव मिला। अब उच्च शिक्षा सचिव के रूप में उनकी नई भूमिका देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और सुधारों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।