नई दिल्ली। दतिया उपचुनाव में मिली जीत के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश संगठन की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तथा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में संगठन सृजन अभियान के तहत पिछले वर्ष नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन, संगठन विस्तार, बूथ स्तर की सक्रियता, सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा जनआंदोलनों में उनकी भागीदारी का आकलन किया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जिन जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर पाई गईं, वहां के जिलाध्यक्षों के कामकाज पर गंभीर चर्चा हुई। आने वाले समय में कुछ जिलाध्यक्षों के विरुद्ध संगठनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।समीक्षा के लिए जिलाध्यक्षों को तीन श्रेणियों—ए, बी और सी—में वर्गीकृत किया गया है। ए श्रेणी में पांच ऐसे जिलाध्यक्ष शामिल हैं, जिनके कार्यों को उत्कृष्ट माना गया है। बी श्रेणी में 45 जिलाध्यक्षों के कार्यों की मंगलवार को समीक्षा की गई, जबकि सी श्रेणी में शामिल 15 जिलाध्यक्षों की समीक्षा बुधवार को की जाएगी। इन जिलों में संगठन की स्थिति और उसे मजबूत बनाने की रणनीति पर विशेष मंथन होगा।बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया उपचुनाव का जनादेश कांग्रेस की विचारधारा और राहुल गांधी के नेतृत्व में जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और अब पंचायत से लेकर जिला स्तर तक संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाया जाएगा।पटवारी ने कहा कि कांग्रेस आगामी समय में जनता के मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी अभियान चलाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के हितों की लड़ाई पूरी मजबूती से सड़क से सदन तक लड़ेगी। बैठक में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय बनाने की विस्तृत रणनीति पर भी चर्चा की गई।