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वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल,

भोपाल, 31 मई 2026।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि कृषि वैज्ञानिकों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों का व्यवहारिक अनुभव किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान द्वारा आसपास के क्षेत्रों के किसानों को संस्थान में आमंत्रित कर आधुनिक कृषि यंत्रों, तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी दी जाए तथा उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि किसान इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।राज्यपाल श्री पटेल रविवार को केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई), भोपाल में आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम से पूर्व किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर कृषि कल्याण विभाग के संचालक श्री उमाशंकर भार्गव भी उपस्थित रहे।राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सामूहिक चेतना, शक्ति और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य कर रहे गुमनाम नायकों की प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, जिनके प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनते हैं।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम हमें सिखाता है कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। जब पूरा राष्ट्र एक दिशा में सोचता और सामूहिक रूप से कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा परिवर्तन भी संभव हो जाता है।

किसान कल्याण सरकारों की सर्वोच्च प्राथमिकता

राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे जलवायु परिवर्तन और मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच किसानों को फसल सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं।उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिला किसानों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश में 3 करोड़ ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और कृषि आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

गुजरात के कृषि मेलों की सफलता का किया उल्लेख

अपने संबोधन में राज्यपाल श्री पटेल ने गुजरात में आयोजित कृषि मेलों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कृषि वैज्ञानिकों को सीधे किसानों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘लैब टू फील्ड’ की अभिनव पहल शुरू की थी। इस पहल से किसानों तक वैज्ञानिक शोध और आधुनिक तकनीकें पहुंचीं तथा जैविक खेती को भी व्यापक बढ़ावा मिला।उन्होंने बताया कि कृषि मेलों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खाद के उपयोग को लोकप्रिय बनाया गया, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन ने गुजरात में इन कृषि मेलों के प्रभावों का अध्ययन किया था।

आधुनिक कृषि उपकरणों का किया अवलोकन

कार्यक्रम से पूर्व राज्यपाल श्री पटेल ने केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में विकसित आधुनिक कृषि उपकरणों एवं तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के लिए उपयोगी तकनीकों और यंत्रों का विकास कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर आईसीएआर गीत की प्रस्तुति दी गई तथा अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत कृषि किट वितरित की गईं।संस्थान के निदेशक श्री सी.आर. मेहता ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्थान की उपलब्धियों एवं नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन परियोजना समन्वयक श्री के.एन. अग्रवाल ने किया।

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