छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा में आदिवासी भूमि की खरीदी से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के पूर्व जिला अध्यक्ष देवरावेन भलावी सहित चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यह आदेश फरियादी अल्फाज शाह उर्फ गोलू और समीर खान द्वारा प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया।न्यायालय के निर्देश के अनुसार, देवरावेन भलावी के अलावा आजाद कुरैशी, मोहिद खान और मुबीन शाह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच की जाएगी। इस संबंध में कुंडीपुरा थाना पुलिस को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 308(2), 318(2), 319(2), 351(3) तथा सहपठित धारा 61 के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने और जांच प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।मामले की जानकारी देते हुए फरियादी पक्ष के अधिवक्ता रफीक अंसारी ने बताया कि न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद पुलिस को विधि अनुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है। अब मामले की जांच के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।क्या है पूरा मामलायह मामला माल्हनवाड़ा क्षेत्र में स्थित एक आदिवासी परिवार की लगभग 16 एकड़ भूमि की खरीदी से जुड़ा है। फरियादी अल्फाज शाह उर्फ गोलू का कहना है कि उन्होंने यह भूमि कलेक्टर की अनुमति के बाद विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत खरीदी थी। आरोप है कि भूमि खरीदी के बाद कुछ लोगों ने इस मामले को लेकर उन पर दबाव बनाना शुरू किया।फरियादी पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने कथित रूप से 15 करोड़ रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर विभिन्न प्रकार की कार्रवाई कराने की धमकी दी। यह भी आरोप लगाया गया कि स्वयं को लोकायुक्त अधिकारी बताकर दबाव बनाने की कोशिश की गई तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई।इस विवाद ने उस समय सार्वजनिक रूप लिया जब फरियादी पक्ष ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर पूरे मामले को मीडिया के सामने रखा। इसके बाद आरोपित पक्ष ने भी अलग से प्रेस वार्ता कर अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा था। दोनों पक्षों के दावों के बीच मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए।राजनीतिक असर भी पड़ामामले के सामने आने के बाद इसका राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिला। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने देवरावेन भलावी को जिला अध्यक्ष पद से हटाने के साथ-साथ उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने यह कदम विवाद के तूल पकड़ने के बाद उठाया था।अब न्यायालय के आदेश के बाद पूरे मामले में पुलिस की जांच शुरू होगी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल न्यायालय का यह आदेश मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एफआईआर दर्ज करने का आदेश किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं होता; आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।