
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग के 4-लेन निर्माण के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति सहित विभिन्न योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 44.830 किलोमीटर लंबे भोपाल-विदिशा मार्ग को 4-लेन विद पेव्हड शोल्डर बनाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।यह मार्ग भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर साँची-सलामतपुर जंक्शन तक जाएगा और भोपाल तथा विदिशा को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। मार्ग के आसपास औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। इसी मार्ग से साँची स्तूप और कर्क रेखा जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी जुड़े हैं।मंत्रि-परिषद ने भोपाल बायपास के 51.963 किलोमीटर लंबे 4-लेन मार्ग को भविष्य में 6-लेन करने के दृष्टिगत 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति दी है। आवश्यकता के अनुसार इसकी अवधि पांच वर्ष तक बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।वन विभाग की संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने की योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि अब योजना का लाभ केवल वन श्रमिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश में भागीदारी मिलेगी।किसान वर्ष के अवसर पर सीहोर जिले की इछावर तहसील के भाऊखेड़ी गांव में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित केंद्र का उपयोग कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सोयाबीन अनुसंधान और उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के लिए कुल 44,515.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था तथा जिला स्तरीय अमले के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है।महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी गई है। वहीं वर्ष 2006 से दिए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।इन पुरस्कारों के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज सेवा करने वाली महिलाओं के योगदान को पहचान और प्रोत्साहन दिया जाएगाजवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। विश्वविद्यालय के अंतर्गत 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार का कार्य किया जा रहा है।मई 2026 को देवास जिले के टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुई अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग के कार्यकाल में तीन माह की वृद्धि को मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री सुभाष काकड़े कर रहे हैं।बैठक में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखने का भी अनुमोदन किया गया।
कुल मिलाकर, मंत्रि-परिषद के फैसलों में सड़क कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सुविधाओं, कृषि अनुसंधान, किसान कल्याण, वन क्षेत्र से जुड़े समुदायों और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिखाई दिया है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक विकास को आने वाले वर्षों में नई गति मिलेगी।