मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक की ओर से प्रस्तुत बिना शर्त माफी स्वीकार करते हुए उनके विरुद्ध चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने सुरक्षित निर्णय सुनाते हुए कहा कि संबंधित घटना न्यायिक मर्यादा के अनुरूप नहीं थी। हालांकि, उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने माना कि इस कृत्य से न्यायिक प्रक्रिया में ऐसी गंभीर बाधा उत्पन्न नहीं हुई, जिसके आधार पर आगे अवमानना की कार्रवाई आवश्यक हो।यह मामला उस कथित प्रयास से जुड़ा था, जिसमें न्यायाधीश से फोन और संदेश के माध्यम से संपर्क करने की बात सामने आई थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायाधीश से सीधे संपर्क करने का प्रयास अत्यंत गंभीर विषय है और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।उल्लेखनीय है कि यह प्रकरण अप्रैल 2026 में प्रारंभ हुआ था, जब हाईकोर्ट ने संजय पाठक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाने के संकेत दिए थे। सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक ने कई बार व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर बिना शर्त माफी मांगी थी।अपने अंतिम आदेश में हाईकोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की, साथ ही भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी दी कि न्यायिक गरिमा और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का अनुचित हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा