
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित मध्य प्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की प्रथम बैठक आज भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में समिति अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया।बैठक में आदिवासी समुदाय के समक्ष वर्तमान समय में उपस्थित चुनौतियों, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका तथा समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। समिति ने इन विषयों पर प्रभावी एवं ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रदेशभर में आदिवासी समाज के हितों की रक्षा एवं उनके सशक्तिकरण के लिए संगठित प्रयास करने का संकल्प लिया।समिति अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि यह समिति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन कर सरकार के समक्ष मजबूती से उन्हें उठाएगी तथा आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करेगी।बैठक में समिति के सदस्य श्री विक्रांत भूरिया, श्री बाला बच्चन, श्री ओमकार सिंह मरकाम, श्री फूंदेलाल मार्को, झूमा सोलंकी जी, श्री संजय उइके, श्री सुनील उइके तथा डॉ. अशोक मर्सकोले उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार रखते हुए आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए समन्वित, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख पहल करने का संकल्प व्यक्त किया।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति प्रदेशभर में आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित कर चरणबद्ध रूप से जनसंवाद एवं अध्ययन करेगी, ताकि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस एवं प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
पत्रकार, शैलेंद्र मर्सकोले