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नई कृषि तकनीकें किसानों की समृद्धि का नया द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नई कृषि तकनीकें, आधुनिक खेती की पद्धतियां और शासन की योजनाओं का प्रभावी उपयोग ही किसानों की समृद्धि का नया द्वार हैं। किसान जितना अधिक आधुनिक तकनीकों से जुड़ेंगे, उनकी आय उतनी ही बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को बैतूल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी (बागवानी) फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है तथा बागवानी फसलों के विकास एवं विस्तार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को देश का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले की प्राकृतिक संपदा, उपजाऊ भूमि और मेहनतकश किसानों की सराहना करते हुए कहा कि सूर्यपुत्री मां ताप्ती सहित सात नदियों के आशीर्वाद से समृद्ध यह क्षेत्र कृषि उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बैतूल ने मक्का उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। गेहूं, धान, मक्का और श्रीअन्न जैसी फसलों का उत्कृष्ट उत्पादन प्रदेश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर रहा है। यदि मध्यप्रदेश आज देश की “फूड बास्केट” के रूप में स्थापित हो रहा है तो उसमें बैतूल के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है।मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की समृद्धि और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के उद्देश्य से प्रदेश में 15 जुलाई से 13 नवंबर तक बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रशासन किसानों के बीच पहुंचकर वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों से संवाद कर नई तकनीकों को अपनाने और अपनी आय बढ़ाने का आग्रह किया।किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मूंग उत्पादक किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए उपार्जन के लिए पात्र किसानों की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। सरकार किसानों की 60 प्रतिशत मूंग खरीदेगी। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त तथा मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य के साथ बोनस देकर गेहूं का रिकॉर्ड उपार्जन किया गया है। धान उत्पादक किसानों को 4 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। वहीं प्रदेश में पहली बार कोदो-कुटकी की रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी प्रदान किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बैतूल और आसपास के क्षेत्रों के दीर्घकालिक विकास के लिए जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महाराष्ट्र सरकार के साथ तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए समझौता किया गया है, जिससे बैतूल, बुरहानपुर और खंडवा सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी तथा भू-जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेत से बाजार तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने के लिए फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन तथा कृषि निर्यात को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार का संकल्प है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले और खेती वास्तविक अर्थों में लाभ का व्यवसाय बने।कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री तथा बैतूल जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक श्री योगेश पंडाग्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पंवार सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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