भोपाल, 3 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल के नाथू बरखेड़ा में विकसित हो रहा अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी एवं महत्वाकांक्षी खेल अधोसंरचना परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव होगा और भोपाल वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।मुख्यमंत्री ने सोमवार को नाथू बरखेड़ा स्थित निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निरीक्षण किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 985.76 करोड़ रुपये की लागत से 136.296 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह आधुनिक खेल परिसर मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किए गए सिंथेटिक हॉकी टर्फ का अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पहले चरण में 5,000 दर्शक क्षमता वाले पवेलियन सहित हॉकी स्टेडियम एवं सिंथेटिक हॉकी टर्फ का निर्माण पूरा हो चुका है। इसी मैदान पर इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर में एशियन महिला हॉकी चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी तैयारियां समय से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ एवं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानकों के अनुरूप 10,000 दर्शक क्षमता वाले पवेलियन सहित आधुनिक एथलेटिक्स ट्रैक विकसित किया जा रहा है। ट्रैक के मध्य भाग में फुटबॉल स्टेडियम भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों एवं दर्शकों दोनों के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण तीन चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में एथलेटिक्स एवं हॉकी स्टेडियम का निर्माण पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण में इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, ऑल वेदर स्विमिंग कॉम्पलेक्स, छात्रावास तथा घुड़सवारी क्रॉस कंट्री ट्रैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। तृतीय चरण में क्रिकेट स्टेडियम एवं साइक्लिंग वेलोड्रोम का निर्माण प्रस्तावित है।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में चल रही भारतीय सेना भर्ती प्रक्रिया का भी अवलोकन किया तथा भर्ती के लिए आए युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। सेना भर्ती अधिकारियों ने बताया कि लगभग 4,500 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के लिए बुलाया गया है, जिनमें से लगभग 3,000 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थी 1 जनवरी 2027 से छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्र में सेना के 175 धर्मगुरु पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी अभ्यर्थियों को भारतीय सेना में सफल चयन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार खेल अधोसंरचना के साथ-साथ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रसेवा के अवसरों को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।