मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर के गीता भवन परिसर में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन एवं 11 लाख पौधारोपण महाअभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में शहर के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम जबलपुर को अगले एक वर्ष में मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार “सेवा और सुशासन” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है और “सच्चा वादा, पक्का काम” की प्रतिबद्धता को निभाते हुए प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।उन्होंने जबलपुर में फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने, मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स की तर्ज पर विकसित करने, मदन महल पहाड़ी के समीप आधुनिक चिड़ियाघर (ज़ू) विकसित करने तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने की घोषणा की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 397 करोड़ रुपये की लागत के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। इनमें 362.31 करोड़ रुपये की ‘अमृत 1.0’ सीवेज परियोजना, कठौंदा, ललपुर और तेवर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, आधुनिक लॉन्ड्री एरिया तथा अत्याधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र शामिल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए।मुख्यमंत्री ने 11 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बताया। उन्होंने मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि पेड़ मानव जीवन के लिए ऋषि-मुनियों के समान हैं और मध्यप्रदेश नदियों एवं वनों की समृद्ध विरासत वाला राज्य है।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार “सब समान, सबको सम्मान” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यूसीसी के संबंध में प्रदेशभर से लाखों सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने समर्थन व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों का विस्तार, शिक्षकों एवं पुलिस कर्मियों की भर्ती, पदोन्नति प्रक्रिया तथा उच्च शिक्षा और चिकित्सा अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जबलपुर की मेडिकल यूनिवर्सिटी को भविष्य में एम्स की तर्ज पर विकसित कर प्रदेश के लिए मॉडल संस्थान बनाया जाएगा।वन्यजीव संरक्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल टाइगर स्टेट ही नहीं, बल्कि चीता संरक्षण का भी अग्रणी राज्य बन चुका है। उन्होंने भविष्य में वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने और जैव विविधता संरक्षण के लिए नई योजनाओं पर कार्य करने की बात कही।कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायकगण, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।