मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए लगभग 2,480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में प्रदेश को तकनीकी, औद्योगिक और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए आईटी पार्क योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में आईटी पार्कों के विस्तार से करीब 8,000 नए रोजगार सृजित होंगे। सरकार के अनुसार अब तक इस पहल से लगभग 22 हजार युवाओं को रोजगार मिल चुका है।तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईआईएसईआर भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इस केंद्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन, यूएवी डिजाइन, अनुसंधान, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन और नई तकनीकों पर काम किया जाएगा।कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सिंगरौली की रिहंद माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 111 करोड़ रुपये तथा मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 184 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। साथ ही किसानों को समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान योजना को भी आगामी अवधि तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजनाओं के संचालन हेतु 198 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, आश्रय और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है।खेलों के क्षेत्र में प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अक्टूबर 2026 में भोपाल में आयोजित होने वाली महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए 18.74 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रतियोगिता में एशिया की छह प्रमुख महिला हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे प्रदेश की खेल अधोसंरचना और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।बैठक में कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के संचालन के लिए 982 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नए वृत्त कार्यालय की स्थापना, नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित नौ नए पदों के सृजन तथा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों को प्रदेश में रोजगार सृजन, आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार, खेल और सुशासन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।