गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

भारत-अमेरिका संबंधों में नई चुनौतियाँ, विदेश नीति के संतुलन पर उठे सवाल,

भारत लंबे समय से दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा है, जिसने रूस और अमेरिका दोनों के साथ अपने संबंधों को संतुलित तरीके से बनाए रखा है। एक ओर भारत अपनी रक्षा जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस के साथ मजबूत साझेदारी रखता है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक, रक्षा, आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग को भी लगातार मजबूत किया है।हालांकि, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों के सामने नई चुनौतियाँ उभरती दिखाई दे रही हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने और पहले एस-400 मिसाइल प्रणाली की खरीद को लेकर CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी दिए जाने जैसे कदमों ने दोनों देशों के रिश्तों पर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने हमेशा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है। एस-400 रक्षा प्रणाली की खरीद के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व में भारत को प्रतिबंधों से राहत मिली थी, जिससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भारत-अमेरिका संबंधों में विश्वास की कमी और बढ़ती व्यापारिक एवं रणनीतिक चुनौतियाँ चिंता का विषय बन रही हैं।भारत ने अब तक रूस और अमेरिका दोनों के साथ अपने संबंधों में संतुलन बनाए रखने की नीति अपनाई है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में यह संतुलन बनाए रखना भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संवाद, आपसी विश्वास और रणनीतिक सहयोग किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *