
मंगुभाई पटेल ने कहा कि राज्यों के स्थापना दिवस समारोह भारत की “विविधता में एकता” की भावना को सशक्त करते हैं और देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक समृद्धि को प्रदर्शित करते हैं।राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को लोक भवन में राजस्थान, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने तीनों राज्यों के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सद्भाव, प्रेम और भाईचारे को बढ़ाते हैं तथा भावी पीढ़ी को देश की विविधता से परिचित कराते हैं।राज्यपाल ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना देश को एक सूत्र में पिरोने का महत्वपूर्ण प्रयास है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सभी राज्यों की सहभागिता आवश्यक है।इस अवसर पर राज्यपाल ने विभिन्न राज्यों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महापुरुषों का स्मरण करते हुए उनके योगदान को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके त्याग, साहस और समर्पण से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।राज्यपाल श्री पटेल ने तीनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान की लोक परंपराएं, ओडिशा की आध्यात्मिक धरोहर और हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक एवं धार्मिक विशेषताएं भारत की वैश्विक पहचान को समृद्ध करती हैं।कार्यक्रम में लोक, शास्त्रीय और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की आकर्षक झलक देखने को मिली। राजस्थान की ओर से घूमर एवं कठपुतली नृत्य, ओडिशा की ओर से ओडिसी नृत्य और भगवान जगन्नाथ की स्तुति, तथा हिमाचल प्रदेश की ओर से लोक एवं भक्ति आधारित प्रस्तुतियां दी गईं।
समारोह में महिला एवं बेटियों की सक्रिय सहभागिता को राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बताया। इस दौरान विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक वेशभूषा और उपहारों के माध्यम से राज्यपाल का स्वागत किया।कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों के निवासी उपस्थित रहे।