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श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ 25 सितंबर को पूज्य दद्दा जी का जन्मोत्सव महा महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा

कटनी। बुंदेलखंड की पावन धर्मधरा सागर नगरी में शुक्रवार से सात दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। ब्रह्मलीन परम पूज्य गृहस्थ संत दद्दा जी महाराज के पावन अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में पीतल फैक्ट्री क्षेत्र में भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन की पूर्णाहुति 25 सितंबर को पूज्य दद्दा जी के जन्मोत्सव ‘महा महोत्सव’ के रूप में होगी।

आयोजन को लेकर शुक्रवार को श्रद्धालुओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में गुरुभाई, मातृशक्ति एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
पीतल फैक्ट्री निवासी गुरुपरिवार के सदस्य श्री मोहन कुशवाहा एवं समस्त कुशवाहा परिवार द्वारा लंबे समय से पूज्य बड़े भैया सरकार से इस पुण्य आयोजन की अनुमति के लिए प्रार्थना की जा रही थी। परिवार की भावना थी कि दद्दा जी महाराज के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर समाज को पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिले। उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए पूज्य बड़े भैया सरकार ने आयोजन की अनुमति प्रदान की और 19 से 25 सितंबर तक कार्यक्रम की तिथियां निर्धारित कीं।

प्रतिदिन होगा पार्थिव शिवलिंग निर्माण और महारुद्राभिषेक
सप्त दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन प्रात:काल वैदिक मंत्रोच्चार के बीच असंख्य पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण एवं विधिवत महारुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान की भक्ति, ज्ञान और कथा प्रसंगों का रसपान करेंगे।
25 सितंबर को जन्मोत्सव महा महोत्सव
आयोजन के अंतिम दिन 25 सितंबर को पूज्य दद्दा जी महाराज का अवतरण दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ जन्मोत्सव महा महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संतों का पावन सानिध्य भी प्राप्त होगा।
सपरिवार सहभागिता की अपील
आयोजक श्री मोहन कुशवाहा ने देशभर के समस्त गुरुपरिवार, गुरुभाइयों, मातृशक्ति एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं गुरुपरिवार में उत्साह का वातावरण है तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सागर पहुंचने की संभावना है।

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