भोपाल, 19 सितंबर 2026। सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को भोपाल में राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में 7400 से अधिक विद्यार्थियों को ई-स्कूटी एवं मोटराइज्ड वाहन के लिए राशि का वितरण किया। पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ विद्यार्थियों को सांकेतिक रूप से स्कूटी की चाबी सौंपकर उनका सम्मान भी किया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्कूटी मिलना विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और उपलब्धि का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी सीए, डॉक्टर, वकील सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। प्रतिभा के सामने गरीबी बाधा नहीं बन सकती। छोटे से घर में जन्म लेने वाला बच्चा भी अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्य जाने। भोपाल की खुशी राय ने बताया कि वह बीकॉम की पढ़ाई के साथ सीए की तैयारी कर रही हैं। वहीं 95 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले शब्द अहिरवार ने भी सीए बनने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि माता-पिता नहीं हैं और वह अपने चाचा-चाची के साथ रहते हैं।95.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले आकाश साहू ने बताया कि वह एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे हैं और भविष्य में एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। उनके पिता गेहूं और सोयाबीन की खेती करते हैं। आकाश ने ऑनलाइन क्विक कॉमर्स के माध्यम से फल-सब्जियों की सप्लाई का काम शुरू करने की योजना भी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।वहीं 81 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली सानिया ने सीए बनने की इच्छा जताई। उसने बताया कि उसके पिता ऑटो चलाते हैं और मां गृहिणी हैं। मुख्यमंत्री ने सानिया को बधाई देते हुए सुरक्षित वाहन संचालन के लिए हेलमेट पहनने की सलाह दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा के बजट में लगातार वृद्धि की गई है। उनके अनुसार वर्ष 1956 से 2003 के बीच स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 2600 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान वर्ष में स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देना है।डॉ. यादव ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी मिलने से उनके साथ-साथ उनके माता-पिता में भी खुशी और गर्व का भाव पैदा होता है। उन्होंने प्रदेश की पुरानी स्कूल व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले विद्यार्थियों को स्कूल में बैठने के लिए घर से बोरा तक लेकर आना पड़ता था, जबकि आज सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।