भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सुजलॉन ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) श्री अजय कपूर ने रविवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रदेश में विंड एनर्जी और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार, निवेश की संभावनाओं तथा ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में सुजलॉन ग्रुप द्वारा मध्य प्रदेश में संचालित की जा रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। कंपनी वर्तमान में उज्जैन जिले की तराना तहसील में 200 मेगावाट क्षमता की विंड एनर्जी परियोजना का क्रियान्वयन कर रही है। इस परियोजना को प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के लिए देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को अनुकूल वातावरण, बेहतर आधारभूत संरचना तथा आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी प्राथमिकता देना है।सुजलॉन ग्रुप के सीईओ श्री अजय कपूर ने मुख्यमंत्री को कंपनी की भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कंपनी मध्य प्रदेश में विंड एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार करने के साथ-साथ हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल पर भी विशेष ध्यान दे रही है। हाइब्रिड परियोजनाओं में सौर और पवन ऊर्जा का संयुक्त उपयोग किया जाता है, जिससे बिजली उत्पादन अधिक स्थिर और प्रभावी बनता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और उपलब्ध संसाधन इस प्रकार की परियोजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त हैं।बैठक के दौरान प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश, नई परियोजनाओं की संभावनाओं तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरणीय संतुलन मजबूत होगा, बल्कि औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी। मध्य प्रदेश में पवन और सौर ऊर्जा के पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। ऐसे में यदि बड़े स्तर पर निवेश और नई परियोजनाएं शुरू होती हैं तो राज्य आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और हरित ऊर्जा के राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।प्रदेश सरकार लगातार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उद्योग-अनुकूल नीतियां लागू कर रही है। इसी का परिणाम है कि ऊर्जा, विनिर्माण और अधोसंरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। सुजलॉन ग्रुप के साथ हुई यह बैठक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।माना जा रहा है कि यदि प्रस्तावित विस्तार योजनाएं तय समय पर आगे बढ़ती हैं, तो मध्य प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और राज्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।