मिलान (इटली)। भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर श्री मतंगेश्वर सेवा समिति खजुराहो ( बुंदेलखंड )एवं दादाजी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के संयोजन में 09 अगस्त को फ्रांस से प्रारंभ हुई ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ का भव्य समापन 17 अगस्त को इटली में राष्ट्रभक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह यात्रा फ्रांस के विभिन्न शहरों से निकलकर बेल्जियम, स्पेन, एस्टोनिया, चेक रिपब्लिक होते हुए इटली पहुँची और पूरे अभियान के दौरान प्रवासी भारतीयों ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ तिरंगे का सम्मान किया।
यात्रा के दौरान सभी देशों में भारतीय समुदाय ने अपने-अपने घरों, कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सामाजिक संस्थाओं पर गर्व के साथ तिरंगा फहराया। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, भारत माता की जय के उद्घोष, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा मिठाई वितरण के माध्यम से भारत की आज़ादी का पर्व पूरे सम्मान और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अभियान ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों को अपनी मातृभूमि से भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया।
पंडित शर्मा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि भारत की आन, बान और शान तिरंगे के प्रति समर्पण का वैश्विक उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के अनेक देशों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय मूल्यों का सम्मान बढ़ रहा है तथा प्रवासी भारतीय इस गौरवशाली विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी प्रवासी भारतीयों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विश्व मंच पर भारत की सकारात्मक छवि को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
इस अभियान को सफल बनाने वाले सभी देश संयोजकों की सराहना करते हुए उन्होने फ्रांस के सुरेंद्र गुप्ता, इटली के अरिकेश जोशी, समीर सिद्धार्थ शर्मा एवं आशिफ खान, स्पेन के किशोरी लाल रजक एवं हेमंत कारपेंटर, बेल्जियम के मंगलदीन रजक एवं प्रकाश रजक, एस्टोनिया के प्रोफेसर नारायण त्रिपाठी तथा चेक रिपब्लिक के चंद्र प्रकाश रजक (गोलू) को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से यह यात्रा सात देशों में भारतीय एकता, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश देने में सफल रही।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे विदेशों में रहते हुए भी भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति की भावना को सदैव सम्मान देंगे तथा आने वाली पीढ़ियों में भी राष्ट्रप्रेम के संस्कारों का प्रसार करते रहेंगे। यह यात्रा विश्वभर में बसे भारतीयों की एकजुटता, मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम और राष्ट्रीय गौरव का एक यादगार प्रतीक बन गई।