गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवाचार और उद्यमिता को दी नई उड़ान,

मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को 10वें अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर रवींद्र भवन में आयोजित “समृद्ध एमएसएमई, विकसित मध्यप्रदेश” कार्यक्रम में दो विशेष प्रदर्शनी पवेलियनों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की नवाचार क्षमता, उद्यमिता और विनिर्माण कौशल को प्रदर्शित किया गया।प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने उनके उत्पादों की जानकारी ली, नवाचारों की सराहना की तथा प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।प्रदर्शनी में 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें ड्रोन निर्माण तकनीक, आईओटी आधारित फिजियोथेरेपी उपकरण, सोलर वाटर हीटर एवं डीसी पंप, रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े इंजीनियरिंग उत्पाद, पेटेंटयुक्त इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, ईवी चार्जिंग समाधान, कृषि अवशेषों से बने पैलेट्स तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उत्पादों सहित अनेक नवाचारी तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बाजार से’ नामक एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी किया। यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों और व्यवसायों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य करेगा तथा इसे देश का पहला एआई-संचालित डिजिटल बाज़ार बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बांसकारी स्टॉल का भी अवलोकन किया और बांस से निर्मित आकर्षक एवं उपयोगी उत्पादों की जानकारी प्राप्त की।एमएसएमई विभाग द्वारा सात जिलों के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष एमपी पवेलियन स्थापित किया गया, जिसने प्रदेश की स्थानीय कला, शिल्प और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दी। इसके साथ ही उद्यमियों की सुविधाओं के लिए औद्योगिक नीतियों एवं योजनाओं संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने हेतु हेल्पडेस्क तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेसिलिटेशन डेस्क भी स्थापित की गई।प्रदर्शनी में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर तथा पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) सहित कई प्रमुख संस्थानों ने सहभागिता करते हुए एमएसएमई और स्टार्टअप्स के विकास के लिए उपलब्ध योजनाओं, सेवाओं और सहयोग की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाई।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के समन्वय से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर और विकसित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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