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“सोमनाथ हमारी आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को किया रवाना,

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन विरासत, अटूट आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक बार मंदिर को नष्ट करने के प्रयास किए गए, लेकिन हर बार सोमनाथ और अधिक भव्य स्वरूप में पुनः स्थापित हुआ। यह मंदिर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सृजन की शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्तियों पर विजय प्राप्त करती है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक-1 से “सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा” के प्रथम जत्थे को रवाना करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह विशेष यात्रा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत निकाली जा रही है।मुख्यमंत्री ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान देश की 21 प्रमुख नदियों के जल कलशों का पूजन-अर्चन भी किया गया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और डमरू की गूंज के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1026 में मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था और इस वर्ष उस घटना के एक हजार वर्ष पूर्ण हुए हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनवरी 2026 में सोमनाथ में भव्य “स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि बाबा सोमनाथ की दिव्यता और भव्यता आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रेरित करती है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रियों को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित किए जाने वाले 21 नदियों के जल कलश और ध्वज सौंपे। यात्रियों ने मुख्यमंत्री को शौर्य और श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप त्रिशूल भेंट किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। उन्होंने कहा कि भगवान के जप, सत्संग और कीर्तन के साथ की जाने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं के जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बनेगी।उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति “जियो और जीने दो” के सिद्धांत पर आधारित है। हमारी संस्कृति सम्पूर्ण मानव जाति को एक परिवार मानने की शिक्षा देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक जागरण का जो अभियान चल रहा है, वह राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत कर रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम से लेकर मथुरा, काशी और बंगाल के कालीघाट तक सनातन संस्कृति की ध्वजा पूरे देश में लहरा रही है। गंगोत्री से गंगा सागर तक सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक एकता का भाव दिखाई दे रहा है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन और तीर्थ स्थलों को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी संचालित कर रही है। इंदौर से उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर, भोपाल से ओरछा-चंदेरी तथा जबलपुर से मैहर, कान्हा-किसली और पेंच के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल के महालोक निर्माण के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य व्यवसायों को नई गति मिली है। साथ ही, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से देशभर के लोगों के बीच एकता और आत्मीयता की भावना भी मजबूत हुई है।विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को नई पहचान और वैभव प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा” सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। श्रद्धालु 8 मई को सोमनाथ पहुंचेंगे और वहां आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। यह यात्रा 11 मई 2026 को संपन्न होगी, जब श्रद्धालु सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की यादें लेकर वापस लौटेंगे।कार्यक्रम में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री रविन्द्र यती, श्री राहुल कोठारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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