मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजभवन स्थित लोक भवन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में चल रही तैयारियों सहित विभिन्न विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लेकर व्यापक स्तर पर लोगों की सहभागिता देखने को मिली है। इस विषय पर अब तक नौ लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो इस मुद्दे पर नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर राज्य सरकार आगे की कार्ययोजना तैयार कर रही है, ताकि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया गया अभियान कई जिलों में सकारात्मक परिणाम दे रहा है। अभियान के तहत कुओं, बावड़ियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन के कार्यों को गति मिली है, जिससे जल उपलब्धता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलने की उम्मीद है।भेंट के दौरान आगामी गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में शिक्षा, संस्कृति और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश की चार कृषि उपजों को मिले जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित उत्पादों की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी तथा किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।बैठक में प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नई परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के संबंध में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी राज्यपाल को दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में नए उद्योग स्थापित हों और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों।बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों ने प्रदेश के विकास को गति देने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।