भोपाल। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि किसी भी योजना की सफलता उसकी मंशा और क्रियान्वयन की व्यवहारिकता में निहित होती है तथा इसमें संवेदनशीलता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित परीक्षण और प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर बल दिया।राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को लोक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में पीएम-जनमन योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित अधोसंरचनात्मक एवं हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं का समय-सीमा से पूर्व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। पूर्व अनुभवों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करने तथा अति पिछड़ी जनजातियों के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।राज्यपाल ने प्रदेश में सिकल सेल उन्मूलन अभियान की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2027 के बजाय वर्ष 2026 तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने संबंधित विभागों को बधाई देते हुए सिकल सेल रोगियों, विशेषकर 15 वर्ष तक की आयु के बच्चों के स्वास्थ्य प्रबंधन और दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों की तहसीलवार बुनियादी सुविधाओं का मानचित्र तैयार कर प्रभावी निगरानी, जन औषधि केंद्रों के संचालन में जनजातीय युवाओं की भागीदारी तथा विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पृथक शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, सदस्य सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।