भोपाल। श्रावण मास के दूसरे सोमवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के समीप स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मानसरोवर धाम में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से हो रही तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और रुद्राभिषेक के लिए धाम पहुंचे। बारिश भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी और देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही।धाम के संस्थापक संजय कश्यप ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्तों ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर धाम में विशेष धार्मिक आयोजन भी किए गए।इस अवसर पर आयोजित महा आरती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। धाम में भगवान के आकर्षक श्रृंगार के साथ विभिन्न झांकियां सजाई गईं। इन झांकियों और महाआरती के दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। आरती के दौरान पूरा परिसर भगवान शिव के जयकारों और भजनों से गूंज उठा।

लगातार बारिश के कारण आयोजन के दौरान व्यवस्थाएं चुनौतीपूर्ण रहीं। इसके बावजूद धाम प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए। भक्तों के लिए छतरियां, अस्थायी आश्रय स्थल और गर्म पेय की व्यवस्था की गई, ताकि बारिश के बीच उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।संजय कश्यप ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में धार्मिक आयोजनों के प्रति श्रद्धा और सेवा की भावना और मजबूत हुई है। इस वर्ष आयोजन के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।देर शाम तक चली महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बारिश, भक्ति और भगवान शिव के जयकारों से मानसरोवर धाम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। आयोजकों ने आने वाले दिनों में भी सभी धार्मिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजित करने की बात कही।