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मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग में बड़े नवाचार: ड्रोन पेट्रोलिंग से ट्रिपिंग 35% घटी, 19,895 मेगावॉट रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति,

Madhya Pradesh — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए नवाचारों और उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए विभाग के प्रदर्शन की सराहना की। बैठक में बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग में 35 प्रतिशत की कमी आई है।ड्रोन तकनीक के माध्यम से 220 केवी के लगभग 10 हजार टावरों की टॉप पेट्रोलिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि वर्तमान में 400 और 132 केवी के लगभग 23 हजार टावरों का निरीक्षण भी इसी तकनीक से किया जा रहा है। इसके अलावा भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में इंसुलेटेड वर्क प्लेटफॉर्म के उपयोग से हॉट लाइन स्टिक तकनीक और वेयर हैंड तकनीक के माध्यम से चालू लाइन पर सुरक्षित कार्य संभव हो पाया है।ऊर्जा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने विश्वसनीय विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करते हुए 14 जनवरी को 19,895 मेगावॉट की सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया है। ट्रांसमिशन लॉस घटकर मात्र 2.60 प्रतिशत रह गए हैं, जबकि पारेषण उपलब्धता 99.52 प्रतिशत दर्ज की गई है।समाधान योजना 2025-26 के तहत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है, जिसमें 1,970 करोड़ रुपये की देनदारियों का निपटारा और 473 करोड़ रुपये की सरचार्ज छूट शामिल है। स्मार्ट मीटर योजना के अंतर्गत अब तक 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शासकीय कार्यालयों में 47 हजार से अधिक प्रीपेड मीटर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। मार्च 2024 में जहां कुल ऊर्जा उत्पादन में नवीकरणीय हिस्सेदारी 25 प्रतिशत थी, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है। सौर ऊर्जा उत्पादन 5,376 मेगावॉट और पवन एवं अन्य स्रोतों से 3,232 मेगावॉट तक पहुंच गया है।बैठक में अपर मुख्य सचिव Neeraj Mandloi ने विभागीय प्रगति और केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओपीजीडब्ल्यू नेटवर्क की 10,752 किलोमीटर लाइन स्थापना सहित कई परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की गई हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सौर ऊर्जा को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाए, मजरों-टोलों तक शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए और ऊर्जा दक्षता व राजस्व संग्रहण में सुधार की गति बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधार प्रदेश की आर्थिक मजबूती और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।बैठक में ऊर्जा मंत्री Pradhuman Singh Tomar, मुख्य सचिव Anurag Jain सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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