गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, खंडवा और हरदा में पहली बार रेड अलर्ट, अगले चार दिन भारी बारिश के आसार,

मध्य प्रदेश में नौ दिन की देरी से पहुंचा मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। इसी के चलते इस सीजन में पहली बार खंडवा और हरदा जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान खंडवा और हरदा में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के उफान पर आने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों से भी अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।रेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अति भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के शेष जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।हालांकि मानसून अब पूरे मध्य प्रदेश में पहुंच चुका है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी समान नहीं है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 38 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत भोपाल, इंदौर और देवास सहित 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। देवास इस समय सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक लगभग साढ़े 10 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। भोपाल और इंदौर में भी आठ इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे जलाशयों और जल स्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून महीने में मानसून अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया था, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रही। लेकिन जुलाई की शुरुआत के साथ मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना है। आमतौर पर मध्य प्रदेश की कुल मानसूनी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही रिकॉर्ड किया जाता है। ऐसे में इस महीने होने वाली बारिश जून में हुई कमी की काफी हद तक भरपाई कर सकती है।लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने जिलों में आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों, पुल-पुलियों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है, तो किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी और प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर भी बेहतर होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *